Miracles_Of_GodKabir#4DaysLeft_KabirPrakatDiwas

पाडवो का यज्ञ सफल किया द्वापरयुग में कबीर परमेश्वर करुणामय रूप में आए थे। अपनी कृपा से पांडवों का अश्वमेध यज्ञ संपन्न किया। 
             यज्ञ में अनेक ऋषि, महर्षि, मंडलेश्वरों ने भोजन किया, यहां तक की कृष्ण जी भी उपस्थित थे। लेकिन शंख नहीं बजा। तब कबीर परमेश्वर जी अपने शिष्य सुपच सुदर्शन के रूप में आए और भोजन किया तब शंख अखंड बजा और पांडवों की यज्ञ सफल हुई।                     गरीब, तेतीस कोटि यज्ञ में आए, 
  सहस अठासी सारे। 
                द्वादश कोटि वेद के वक्ता
, सुपच का शंख बज्या रे।।
अविनाशी परमात्मा शेखतकी पीर ने कबीर साहेब जी को जान से मारने की बहुत कोशिशें की जैसे गर्म तेल के कड़ाहे में डालना, गहरे कुएं में डालना, हथकड़ी लगाकर गंगा में डुबोना, खूनी हाथी से कुचलवाना, तोप के गोले दागना, तीर चलवाना , लेकिन सारे प्रयास असफल रहे। साहिब का बाल भी बांका नहीं कर सके। क्योंकि कबीर साहिब अविनाशी परमात्मा हैं। उन्हें मारने में कोई सक्षम नहीं। काशी का अद्भुत भंडारा शेखतकी मुस्लिम पीर ने कबीर साहेब को नीचा दिखाने के लिए 3 दिन के भंडारे की कबीर साहेब के नाम से सभी जगह झूठी चिट्ठी डलवाई थी कि कबीर जी तीन दिन का भंडारा करेंगे, सभी आना। भोजन के बाद एक मोहर, एक दोहर भी देंगे। कबीर साहेब ने तीन दिन का मोहन भंडारा कराया और लाखों की संख्या में उनके अनुयायी हुए।
             
मृत लड़के कमाल को जीवित करना शेखतकी का कहना था कि अगर कबीर अल्लाह है, तो किसी मुर्दे को जीवित कर दे तो अल्लाह मान लूंगा। सुबह एक 10-12 वर्ष की आयु के लड़के का शव पानी में तैरता हुआ आ रहा था। शेखतकी ने जंत्र-मंत्र से प्रयत्न किया लेकिन लड़का जीवित नहीं हुआ। तब कबीर साहेब ने कहा कि हे जीवात्मा जहाँ भी है, कबीर हुक्म से मुर्दे में प्रवेश कर और बाहर आ। इतना कहा ही था कि शव में कम्पन हुई तथा जीवित होकर गंगा जी में बहता योगी कमाल बाहर आ गया।

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