KabirPrakatDiwasNotJayanti
कबीर साहेब जयंती VS कबीर साहेब प्रकट दिवस जयंती उनकी मनाई जाती है जिनकी जन्म - मृत्यु होती है। " कबीर साहेब " अविनाशी भगवान हैं। उनका न जन्म होता न मृत्यु होती। इसलिए कबीर परमात्मा का प्रकट दिवस होता है ।
कबीर परमात्मा जी का जन्म नहीं होता ! हिन्दू मुस्लिम के बीच में , मेरा नाम कबीर । आत्म उद्धार कारणे , अविगत धरा शरीर ।। अपनी प्यारी आत्माओं का उद्धार करने के लिए कबीर परमात्मा इस पृथ्वी पर प्रकट होते हैं।
कबीर साहेब प्रकट होते हैं इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है, जयंती नहीं मनाई जाती। कबीर साहेब का माता से जन्म नहीं हुआ बल्कि वह सशरीर स्वयं प्रकट हुए। हिन्दू मुस्लिम के बीच में, मेरा नाम कबीर। आत्म उद्धार कारणे, अविगत धरा-शरीरा कबीर साहेब ने इस वाणी में कहा है कि जीवों का उद्धार करने के लिए मैं इस पृथ्वी पर प्रकट हुआ हूं।
सिर्फ कबीर जी का ही प्रकट दिवस क्यों? ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि वह परमात्मा सतलोक से शिशु रूप धारण करके प्रकट होता है और कुंवारी गायों के दूध से उसकी परवरिश होती है। ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में भी वर्णन है कि पूर्ण परमात्मा कबीर जी जान बूझकर बालक रूप में प्रकट होते है। इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है
Comments
Post a Comment